मधुमेह (डायबिटीज) को कैसे करे कण्ट्रोल योग से

डायबिटीज, सुगर या फिर मधुमेह तीनो शरीर में शर्करा की मात्रा के अनियमित बढ़ने से होती है। हमारे शरीर में पेंक्रियाज ग्रंथि शरीर में इन्सुलिन बनाने के कार्य करती है लेकिन जब पेंक्रियाज ग्रंथि ठीक से अपना कार्य नहीं कर पाती तो शरीर के लिए पर्याप्त इन्सुलिन नहीं बन पाता जिससे हमारे खून में ग्लूकोज और सुगर की मात्रा बढ़ने लगती है और व्यक्ति डायबिटीज या मधुमेह का शिकार हो जाता है।

कैसे करे डायबिटीज को कण्ट्रोल:

हालाँकि डायबिटीज को कण्ट्रोल करने के लिए कई तरह की दवाईयां बाज़ार में उपलब्ध है लेकिन अगर आप मधुमेह से हमेशा के लिए छुटकारा पाना चाहते है तो योग सबसे सरल और सटीक उपाय होता है।

योग द्वारा कैसे दूर करे मधुमेह को:

  • कपालभाती:

कपालभाती योग में आपके पुरे शरीर के रक्त धमनियों पर इसका प्रभाव पड़ता है। इससे हमारे शरीर में मौजूद पेंक्रियाज ग्रंथि ठीक से काम करने लगती है और हमारे हारमोंस फिर से सक्रिय होने लगते है साथ ही हमारे मस्तिष्क और पाचन तंत्र की मांसपेशियों को अधिक क्रियाशील बनाता है। कपालभाती करने से आपका दिमाग शांत रहता है, बॉडी में ब्लड का सर्कुलेशन बेहतर होता है और आपको नयी उर्जा मिलती है।

  • धनुरासन:

धनुरासन में हमारा शरीर धनुष के समान हो जाता है जिससे सबसे ज्यादा दवाब आपके पेट, छाती और आपके कमर की मांसपेशियों पर पड़ता है। धनुरासन करने से आपका अग्न्याशय स्वस्थ होता है और शरीर में बनाने वाले एक्स्ट्रा सुगर को भी नियंत्रित करता है साथ ही शारीरक और मानसिक तनाव को दूर करने में भी धनुरासन बहुत लाभकारी होता है। ये महिलाओ के होने वाले पीरियड्स पैन से भी राहत दिलाता है।

  • हलासन:

हलासन में आपकी शरीर की मुद्रा खेती करने के लिए इस्तेमाल में होने वाली हल के सामान हो जाती है। हलासन करने से थाइरोइड, बाँझपन, इनसोम्निया( insomnia) और डायबिटीज में काफी लाभ मिलता है। इसके करने से आपके हारमोंस श्राव करने वाली ग्रंथि पर सीधा असर पड़ता है। आपकी कमर और पेट की मांसपेशियों को लचीला बनाता है साथ ही आपके वजन को भी कम करने में बहुत असरदार है। मधुमेह का एक बड़ा कारण बढ़ा हुआ वजन भी होता है तो वजन को हमेशा कण्ट्रोल में रखना चाहिए।

  • सेतुबंधासन:

सेतु का मतलब होता है बांध या फिर ब्रिज। इस आसन को करने के दौरान हमारा शरीर एक बांध के सामान हो जाता है और इसी लिए इस आसन को सेतुबंधासन नाम दिया गया। सेतुबंधासन करने से आपका ब्लड प्रेशर कण्ट्रोल होने लगता है। जिन लोगो को अस्थमा, सर दर्द या साईनस या फिर थाइरोइड की समस्या होती है उनके लिए सेतुबंधासन सबसे असरदार योग है। इसे करने से आपके फेफड़ो और श्वास नली में हो रही सुजन खत्म हो जाती है साथ ही आपके पेंक्रियाज ग्रंथि को अधिक क्रियाशील बनाता है। जिससे डायबिटीज में फायदा होता है।

  • प्राणायाम:

प्राणायाम सूर्य नमस्कार का एक अभिन्न हिस्सा होता है। सूर्य नमस्कार अपने में ही सम्पूर्ण योग है लेकिन अगर आप केवल कुछ देर तक प्राणायाम का अभ्यास ही करते है तो भी आपको बहुत ज्यादा लाभ मिलेगा। इसमें पद्मासन में बैठ कर साँसों को लेना और छोड़ना होता है लेकिन इस क्रिया से आपके शरीर में रक्त का संचार सुचारू तरीके से होने लगता है। जिन लोगो को सांस से सबंधित बीमारी होती है उनके लिए प्राणायाम बहुत ही असरदार है ये आपके फेफड़ो में स्वच्छ वायु का प्रवाह करता है। आपके मस्तिष्क को शांति देता है और आपके शरीर में नयी उर्जा प्रदान करता है। जिन लोगो को डायबिटीज है वो लीग रेगुलर प्राणायाम का अभ्यास करे। इससे आपकी हार्मोनल ग्रंथि अधिक सक्रीय होने लगेगी जिससे केवल डायबिटीज ही नहीं बल्क़ि दिल से जुडी समस्या, नींद न आना, अस्थमा जैसे रोगों से भी आपको निजात मिलती है।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Please wait...

Subscribe to our newsletter

Want to be notified when our article is published? Enter your email address and name below to be the first to know.