विटामिन–इ कैप्सूल के नुक्सान

शरीर को स्वस्थ रखने के लिए कई तरह के विटामिन्स, मिनरल्स और पोषक तत्वों की जरूरत होती है और बॉडी के लिए सभी जरुरी विटामिन्स हमें खाद्य पदार्थो से मिलते है लेकिन केवल विटामिन–इ ही एक ऐसा पोषक तत्व है जो जो की कैप्सूल के फॉर्म में आपको बाज़ार में मिल जायेगा।

कौन सा विटामिन-इ कैप्सूल कैप्सूल करे इस्तेमाल:     

मार्किट में कई तरह के विटामिन-इ कैप्सूल कैप्सूल मिलते है लेकिन इस्तेमाल करने के लिए सबसे बेहतर एविओन-400(evion-400) कैप्सूल को माना जाता है ये हरे रंग की होती है।

vitamin e capsule ke nuksan

विटामिन–इ की कमी के लक्षण:

  • हाथ-पैर का अचानक ही सुन्न पड़ जाना।
  • आँखों की रोशनी कम होना।
  • अचानक ही धुंधला दिखना या अँधेरा छा जाना।
  • त्वचा का बहुत ज्यादा शुष्क पड़ना।
  • बालो का बहुत ज्यादा झड़ना।

वैसे तो विटामिन-इ कैप्सूल का इस्तेमाल हमारी स्किन और बालो के लिए बहुत ही फायदेमंद है।

लेकिन विटामिन-इ कैप्सूल कैप्सूल के काफी नुक्सान भी है।

कौन न करे इस्तेमाल विटामिन-इ कैप्सूल कैप्सूल का:     

एनीमिया के रोगी:

  • जिन लोगों को एनीमिया की प्रॉब्लम है या जिनके शरीर में रेड ब्लड सेल्स कम है उन्हें विटामिन-इ कैप्सूल कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए। विटामिन-इ कैप्सूल रेड ब्लड सेल्स को बनने के प्रोसेस को धीरे कर देता है और ब्लड में आयरन को नहीं बनने देता।

पीरियड्स के दौरान:

  • जिन महिलाओ या लडकियों के पीरियड्स चल रहे हो उन्हें उन दिनों में विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए। इससे ब्लड का परवाह बहुत ज्यादा होने लगता है।

किडनी से जुड़ी प्रॉब्लम:

  • जिन लोगों को किडनी से जुड़ी समस्या है या जो लोग डायलसिस करवाते है उन्हें भी विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए।

लीवर से जुड़ीं प्रॉब्लम:

  • लीवर खाने को पचाने में सबसे ज्यादा important होता है और अगर किसी का लीवर कमजोर है या जिसे खाना पचाने में बहुत ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है वो विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन हरगिज़ न करे। इससे लीवर और ज्यादा कमजोर होता है।

स्किन की एलर्जी हो:

  • विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन स्किन की एलर्जी को और बढ़ा देती है।अगर किसी को स्किन इन्फेक्शन, एक्ज़िमा या किसी भी तरह की स्किन इन्फेक्शन हो तो उन्हें भी विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए।

किसी भी तरह का ऑई डिसऑर्डर:

  • किसी भी तरह के ऑई डिसऑर्डर की समस्या से ग्रसित लोगों क भी विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन करने से बचना चाहिए। विटामिन-इ कैप्सूल आँखों की रेटिना को प्रभावित करता है।

कोलेस्ट्रोल लेवल बढ़ा हो:

  • जिन लोगों को दिल से जुड़ी परेशनी हो और खासकर के जिनका कोलेस्ट्रोल लेवल हाई रहता है उन्हें विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए। ये कोलेस्ट्रोल लेवल को डाउन नहीं होने देगा।

कैंसर और एड्स के इलाज के दौरान:

  • अगर किसी को कैंसर या एड्स जैसी लम्बे समय तक चलने वाली बीमारी हो तो उन्हें भी विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन नहीं करना चाहिए। 

गर्भवती स्त्री और बेबी को ब्रैस्ट फीड करवाती हो।

  • जो महिलाये गर्भवती होती है या अपने नवजात बच्चे को दूध पिलाती है वो महिलाये भी विटामिन-इ कैप्सूल का सेवन न करे। इससे बच्चे पर हानिकारक प्रभाव पड़ सकते है और ब्रैस्ट फीड करवाने वाली महिलाओ के दूध सूखने के चांसेस बढ़ जाते है।

विटामिन-इ को यदि भोजन के रूप में लिया जाये तो ये नुक्सानदेह नहीं होता है लेकिन अगर इसे कैप्सूल के तौर पर ले रहे है तो ये कई तरह की परेशानियों को जन्म दे सकता है। इसके कैप्सूल के अधिक सेवन से शरीर में मेटाबोलिज्म घटने लगता है और एक्स्ट्रा चर्बी जमा होने लगती है। जिससे मोटापा होने का खतरा बढ़ जाता है

जब भी विटामिन-इ कैप्सूल के सेवन करने के बारे में सोचे इससे पहले एक बार डॉक्टर की सलाह जरुर ले।

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